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  • sarvatobhadra-mandal (3*3)

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    700.00

    3*3 वर्गफीट आकार में कपड़े की सिलाई से तैयार की गई रंगीन वेदी है। इसे पाटे पर डाल कर पूजा के लिए उपयोग में लाई जा सकती है । बार-बार सर्वतोभद्र मण्‍डल बनाने की आवश्‍यकता नहीं है । यह बनी-बनाई है और धुलाई योग्‍य है । कुछ लोग प्‍लेक्‍स पर इसका प्रयोग करते हैं, इससे कई गुणा बेहतर यह कपड़े का वेदी है । इसे काटन कपड़ों से तैयार किया जाता है । वास्‍तु के अनुरूप तैयार किया जाता है, यह पूजा उपयोग के लिए अति उत्‍तम है ।

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  • Satyanarayan Katha ebook

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    Original price was: ₹51.00.Current price is: ₹50.00.

    सारे तीरथ बार बार-गंगासागर एक बार‘‘ और ‘‘धर्म करे धन नाही घटे‘‘ सामाजिक जीवन परिवेष की कथायें हैं जिनके साथ कोई न कोई कथा जुड़ी हुई है। मनु स्मृति में सतयुग त्रेता द्वापर और कलयुग की कल्पना की गई है। हिन्दी साहित्य के इतिहास में आदिकाल या वीरगाथा काल के बाद हिन्दी साहित्य इतिहास के स्वर्णकाल ‘‘भक्तिकाल‘‘ का आरंभ होता है -तुलसीदास का ‘‘रामचरितमानस‘‘ और कबीर की ‘साखी, सबद रमैनी‘ इसी भक्तिकाल की देन है जिसमें ईश्वर तक पहुँचने के कठिन और सरल मार्ग साधनायें वर्णित हैं । महाकवि और छत्तीसगढ़ के जनमानस में रचबस गयें तुलसीदास ने इतिहास के एक मोड़ पर ईष्वर के इस धरती पर अवतरित होने का विष्वास व्यक्त किया है – ​जब जब होय धर्म की हानि, ​बढ़ैं अधर्म असुर अभिमानी । ​तब तब प्रभु धर मनुज शरीरा, ​हरहिं कृपानिधि सज्जन पीरा ।। कुछ इस तरह का ही एक प्राचीन विश्वास ‘‘श्री सत्यनारायण कथा‘‘ में है कि ‘मृत्युलोक‘ (पृथ्वी) पर सत्यनारायण की कथा में व्रत कर्ता के जीवन में सुख समृद्धि, मानसिक शांति और जीवन के कष्ट-क्लेश मिट जाते हैं। ‘‘श्री सत्यनारायण कथा‘ अपने पॉंच अध्यायों में संस्कृत के श्लोकों में प्राप्य थी इसे हिन्दी काव्य रूपांतर में प्रस्तुत किया गया है ।

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  • Shiv tandav strotam in Hindi ebook

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    Original price was: ₹61.00.Current price is: ₹51.00.

    यह शिव तांडव स्त्रोत पूरी तरह हिंदी में ही है, हिंदी पद्य में पंचचामर छंद पर ही है । मूल शिव तांडव स्त्रोत्र संस्कृत भाषा में पंचचामर छंद पर लिखी गई है। यह हिंदी में इसका पद अनुवाद है किंतु यह मूल रचना के अत्यंत निकट है क्योंकि यह पदानुवाद भी मूल छंद पंचचामर छंद पर ही लिखी गई है। जो व्यक्ति मूल शिव तांडव स्त्रोत्र को संस्कृत में नहीं गा सकते वह इस रचना को उसी लय पर हिंदी में गा सकते हैं गा सकते हैं, पाठ कर सकते हैं । यह पदानुवाद शिल्प और भाव की दृष्टि से मूल रचना की समान ही है ।

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  • Shodash Matrika Chakaram (षोडस मातृका चक्र)

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    401.00

    षोडश मातृका चक्र
    किसी भी शुभ अवसरों या पर्व त्यौहारों पर एवं विशेषकर विवाह संस्कार में षोडश मातृका की स्थापना कर किए जा रहे कार्य की सफलता के लिए विशेष प्रार्थना की जाती हैं, और कहा जाता हैं कि इनके स्थापन और पजून का विधि विधान से करने पर निर्विघ्न रूप से आजोजन पूर्ण हो जाता हैं । इसे 4*4 के 16 खण्‍ड़ो बनाया जाता है, प्रथम खण्‍ड में पीले एवं लाल रंग के अर्धखण्‍ड़ होता है जो गौरी गणेश का प्रतिक है । सभी खण्‍ड 16 देवियों का प्रतिक है ।

    इसे 2*2 वर्ग फीट (सवा हाथ) के आकार पर एक धरातल (अस्‍तर) कपड़े पर पीेले रंग वस्‍त्र पर 16 खण्‍ड चमकीले लैश की सहायता से उकेरा गया है । इसे पूजा स्‍थान पर पाटे या चौकी पर रखकर आसानी से प्रयोग में लाया जा सकता है ।

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  • Shri Laxmi Narayan Mandalam

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    Original price was: ₹1,000.00.Current price is: ₹800.00.

    श्री लक्ष्मी नारायण मण्डलम

    यह सवा दो हाथ (3*3 वर्गफीट) आकार में कपड़े की सिलाई से तैयार की गई रंगीन वेदी है। इसे पाटे पर डाल कर पूजा के लिए उपयोग में लाई जा सकती है । बार-बार श्री लक्ष्मी नारायण मण्‍डल बनाने की आवश्‍यकता नहीं है । यह बनी-बनाई है और धुलाई योग्‍य है । कुछ लोग प्‍लेक्‍स पर इसका प्रयोग करते हैं, इससे कई गुणा बेहतर यह कपड़े का वेदी है । इसे काटन कपड़ों से तैयार किया जाता है । वास्‍तु के अनुरूप तैयार किया जाता है, यह पूजा उपयोग के लिए अति उत्‍तम है ।

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  • Shrimad Bhagwat mahapuran

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    Original price was: ₹760.00.Current price is: ₹700.00.

    श्रीमद्भागवतमहापुराण ग्रन्थाकार—श्रीमद्भागवत भारतीय वाङ्मयका मुकुटमणि है। भगवान् शुकदेवद्वारा महाराज परीक्षित् को सुनाया गया भक्तिमार्गका तो मानो सोपान ही है। इसके प्रत्येक श्लोकमें श्रीकृष्ण-प्रेमकी सुगन्धि है। इसमें साधन-ज्ञान, सिद्ध-ज्ञान, साधन-भक्ति, सिद्धा-भक्ति, मर्यादा-मार्ग, अनुग्रह-मार्ग, द्वैत, अद्वैत समन्वयके साथ प्रेरणादायी विविध उपाख्यानोंका अद्भुत संग्रह है। कलिसंतरणका साधन-रूप यह सम्पूर्ण ग्रन्थ-रत्न मूलके साथ हिन्दी-अनुवाद, पूजन-विधि, भागवत-माहात्म्य, आरती, पाठके विभिन्न प्रयोगोंके साथ दो खण्डोंमें उपलब्ध है।

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  • Vastu mandalam vedi (वास्‍तु पुरुष मण्‍डल)

    5.00 out of 5
    451.00

    2*2 फीट आकार में कपड़े की सिलाई से तैयार की गई रंगीन वास्‍तु चक्र वेदी है। इसे पाटे पर डाल कर पूजा के लिए उपयोग में लाई जा सकती है । बार-बार वास्‍तु मण्‍डल बनाने की आवश्‍यकता नहीं है । यह बनी-बनाई है और धुलाई योग्‍य है । कुछ लोग प्‍लेक्‍स पर इसका प्रयोग करते हैं, इससे कई गुणा बेहतर यह कपड़े का वेदी है । इसे काटन कपड़ों से तैयार किया जाता है । वास्‍तु के अनुरूप तैयार किया जाता है, यह पूजा उपयोग के लिए अति उत्‍तम है ।

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  • Vedanta Aloevera Soap

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    55.00

    VEDANTA Aloevera SOAP
    (Home Made)

    गंगाजल, गोमूत्र, तुलसी, नारियल, ग्लेसिरिन, शहद, विटामिन E, Aloevera, रीठा युक्त विशुद्ध आयुर्वेदिक पारदर्शी, सुगन्धित साबुन।

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  • Vedanta Soap

    0 out of 5
    Price range: ₹20.00 through ₹40.00
    Buy 10 to get 10% discount

    VEDANTA SOAP
    (Home Made)

    गंगाजल, गोमूत्र, तुलसी, नारियल, ग्लेसिरिन, शहद, विटामिन E, चुकन्दर, रीठा युक्त विशुद्ध आयुर्वेदिक पारदर्शी, सुगन्धित साबुन।

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  • Vedanta Soap Blue

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    45.00
    Buy 10 to get 10% discount

    VEDANTA SOAP BLUE
    (Home Made)

    100gm

    गंगाजल, गोमूत्र, तुलसी, नारियल, ग्लेसिरिन, शहद, विटामिन E, रीठा युक्त विशुद्ध आयुर्वेदिक पारदर्शी, सुगन्धित साबुन।

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  • Vedi set 7/ 3*3

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    Original price was: ₹3,700.00.Current price is: ₹3,500.00.

    वेदी सेट 7 मण्‍डल चक्र का सेट , सर्वतोभद्र, एकलिगातोभद्र, वास्‍तु चक्र, क्षेत्रपाल चक्र, नवग्रह चक्र, षोडस मातिृका चक्र एवं चौसठ योगिनी चक्र एक सेट है । प्रत्‍येक 3*3 फीट आकार में कपड़े में सिलाई से तैयार की रंगीन वेदी है।  इस सेट का प्रयोग समान्‍यत: किसी अनुष्‍ठानी अनुष्‍ठान जैसे श्रीमदभागवत, शिवपुराण, यज्ञ, हवन आदि में किया जाता है । इसे पाटे पर डाल कर पूजा के लिए उपयोग में लाई जा सकती है । बार-बार वास्‍तु मण्‍डल बनाने की आवश्‍यकता नहीं है । यह बनी-बनाई है और धुलाई योग्‍य है । कुछ लोग प्‍लेक्‍स पर इसका प्रयोग करते हैं, इससे कई गुणा बेहतर यह कपड़े का वेदी है । इसे काटन कपड़ों से तैयार किया जाता है । वास्‍तु के अनुरूप तैयार किया जाता है, यह पूजा उपयोग के लिए अति उत्‍तम है ।

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