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  • (भागवत रहस्य का नया संस्करण) श्रीमद् भागवत रसामृत

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    Original price was: ₹800.00.Current price is: ₹680.00.

    (श्रीमद् भागवत के बारह स्कन्धो की सरल हिन्दी भाषा में व्याख्या)

    पुज्यपाद श्रीरामचंद्र डोंगरेजी महाराज

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  • Mahabharata-Khilbhag Harivansh Puran (Hindi)

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    Original price was: ₹520.00.Current price is: ₹490.00.

    महाभारत-खिलभाग हरिवंशपुराण ग्रन्थाकार— हरिवंशपुराण वेदार्थ-प्रकाशक महाभारत ग्रन्थका अन्तिम पर्व है। पुत्र-प्राप्तिकी कामनासे हरिवंशपुराणके श्रवणकी परम्परा भारतवर्षमें चिरकालसे प्रचलित है। अनन्त भावुक धर्मपरायण लोग इसके श्रवणसे पुत्र-प्राप्तिका लाभ प्राप्त कर चुके हैं। भगवद्भक्ति तथा प्रेरणादायी कथानकोंकी दृष्टिसे भी इसका बड़ा महत्त्व है। भगवान् श्रीकृष्णसे सम्बन्धित अगणित कथाएँ इसमें ऐसी हैं, जो अन्यत्र दुर्लभ हैं। धाॢमक जन-सामान्यके कल्याणार्थ इसके अन्तमें सन्तानगोपाल-मन्त्र, अनुष्ठान-विधि, सन्तान-गोपाल-यन्त्र तथा संतान-गोपालस्तोत्र भी संगृहीत है। सचित्र, सजिल्द।

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  • Shiv tandav strotam in Hindi ebook

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    Original price was: ₹61.00.Current price is: ₹51.00.

    यह शिव तांडव स्त्रोत पूरी तरह हिंदी में ही है, हिंदी पद्य में पंचचामर छंद पर ही है । मूल शिव तांडव स्त्रोत्र संस्कृत भाषा में पंचचामर छंद पर लिखी गई है। यह हिंदी में इसका पद अनुवाद है किंतु यह मूल रचना के अत्यंत निकट है क्योंकि यह पदानुवाद भी मूल छंद पंचचामर छंद पर ही लिखी गई है। जो व्यक्ति मूल शिव तांडव स्त्रोत्र को संस्कृत में नहीं गा सकते वह इस रचना को उसी लय पर हिंदी में गा सकते हैं गा सकते हैं, पाठ कर सकते हैं । यह पदानुवाद शिल्प और भाव की दृष्टि से मूल रचना की समान ही है ।

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  • Shrimad Bhagwat mahapuran

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    Original price was: ₹760.00.Current price is: ₹700.00.

    श्रीमद्भागवतमहापुराण ग्रन्थाकार—श्रीमद्भागवत भारतीय वाङ्मयका मुकुटमणि है। भगवान् शुकदेवद्वारा महाराज परीक्षित् को सुनाया गया भक्तिमार्गका तो मानो सोपान ही है। इसके प्रत्येक श्लोकमें श्रीकृष्ण-प्रेमकी सुगन्धि है। इसमें साधन-ज्ञान, सिद्ध-ज्ञान, साधन-भक्ति, सिद्धा-भक्ति, मर्यादा-मार्ग, अनुग्रह-मार्ग, द्वैत, अद्वैत समन्वयके साथ प्रेरणादायी विविध उपाख्यानोंका अद्भुत संग्रह है। कलिसंतरणका साधन-रूप यह सम्पूर्ण ग्रन्थ-रत्न मूलके साथ हिन्दी-अनुवाद, पूजन-विधि, भागवत-माहात्म्य, आरती, पाठके विभिन्न प्रयोगोंके साथ दो खण्डोंमें उपलब्ध है।

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