Gauri Tilak Mandal
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Gauri Tilak mandal इस गौरी तिलक मंडल को दो बाई दो वर्ग फीट के आकार पर कपड़े से तैयार की गई है । गौरी तिलक मंडल की मानक आकृति को यथायोग्य कपड़ों पर सिलाई से रंगीन टुकड़ों को जोड़कर बनाई गई है । यह काटन कपड़े से बने होने के कारण पूजा के लिए या यथेष्ट है ।
Description
Gauri Tilak mandal
गौरी तिलक भद्र मण्डल एक विशेष वैदिक चक्र है, जिसका प्रयोग किसी भी शुभ अवसर, पर्व, त्यौहार, या विशेषकर यज्ञादिक अनुष्ठान के लिए किया जाता है । गौरी तिलक मंडल मंगलप्रद एवं कल्याणकारी माना जाता है। यज्ञादिक, देव प्रतिष्ठा, मांगलिक पूजा महोत्सव, अनुष्ठान इत्यादि देव कार्यों में इसका सर्वविध उपयोग किया जाता है।
इस चक्र को एक आधार कपड़े (अस्तर) पर सफेद कपड़े के ऊपर 17*17 के 289 खण्ड़ों में विभाजित किया गया है, भिन्न-भिन्न खण्ड्रा़ में शास्त्रोक्त रंगों के प्रयोग किया गया है । इन खण्ड़ों के बाहरी परीधि पर सम, रज और तम के प्रतीक के रूप में क्रमश: सफेद, लाल एवं काले रंग का घेरा लगाया गया है ।
इस मंडल चक्र को 2*2 वर्ग फीट के आकार में एक धरातल (अस्तर) कपड़े पर सफेद रंग की वस्त्र ऊपर 17*17के 289 खण्ड़ों पर विभिन्न रंगों का प्रयोग करते हुए शास्त्रों त्रयोविंशती सर्वतोभद्र मण्डल सिलाई की सहायता से उकेरा गया है ।
इसे पूजा स्थान पर पाटे या चौकी पर रखकर आसानी से प्रयोग में लाया जा सकता है, और यज्ञ याज्ञादिक, देव प्रतिष्ठा, मांगलिक पूजा महोत्सव, अनुष्ठान इत्यादि देव कार्यों में इसका प्रयोग किया जा सकता है ।
इस मंडल को धुलने में कोई दिक्कत नहीं है, जिससे इसे बार-बार प्रयोग में लाया जा सकता है, जो इसे अधिक प्रयोगी बनाता है।
गौरी तिलक मण्डल एक प्राचीन वैदिक वेदी मण्डल है और इसका प्रयोग ज्ञ याज्ञादिक, देव प्रतिष्ठा, मांगलिक पूजा महोत्सव, अनुष्ठान इत्यादि देव कार्यों में पूजन के लिए किया जाता है। इससे साधक के अभीष्ट की सिद्धि होती है।
गौरी तिलक मण्डल - यज्ञादिक अनुष्ठान के लिए :
उत्पाद का विवरण:
गौरी तिलक भद्र मण्डल एक विशेष वैदिक चक्र है, जिसका प्रयोग किसी भी शुभ अवसर, पर्व, त्यौहार, या विशेषकर यज्ञादिक अनुष्ठान के लिए किया जाता है । गौरी तिलक मंडल मंगलप्रद एवं कल्याणकारी माना जाता है। यज्ञादिक, देव प्रतिष्ठा, मांगलिक पूजा महोत्सव, अनुष्ठान इत्यादि देव कार्यों में इसका सर्वविध उपयोग किया जाता है।
डिज़ाइन:
इस चक्र को एक आधार कपड़े (अस्तर) पर सफेद कपड़े के ऊपर 17*17 के 289 खण्ड़ों में विभाजित किया गया है, भिन्न-भिन्न खण्ड्रा़ में शास्त्रोक्त रंगों के प्रयोग किया गया है । इन खण्ड़ों के बाहरी परीधि पर सम, रज और तम के प्रतीक के रूप में क्रमश: सफेद, लाल एवं काले रंग का घेरा लगाया गया है ।
आकार और धरातल:
इस मंडल चक्र को 2*2 वर्ग फीट के आकार में एक धरातल (अस्तर) कपड़े पर सफेद रंग की वस्त्र ऊपर 17*17के 289 खण्ड़ों पर विभिन्न रंगों का प्रयोग करते हुए शास्त्रों त्रयोविंशती सर्वतोभद्र मण्डल सिलाई की सहायता से उकेरा गया है ।
आसान प्रयोग:
इसे पूजा स्थान पर पाटे या चौकी पर रखकर आसानी से प्रयोग में लाया जा सकता है, और यज्ञ याज्ञादिक, देव प्रतिष्ठा, मांगलिक पूजा महोत्सव, अनुष्ठान इत्यादि देव कार्यों में इसका प्रयोग किया जा सकता है ।
धुलाई योग्य:
इस मंडल को धुलने में कोई दिक्कत नहीं है, जिससे इसे बार-बार प्रयोग में लाया जा सकता है, जो इसे अधिक प्रयोगी बनाता है।
गौरी तिलक मण्डल एक प्राचीन वैदिक वेदी मण्डल है और इसका प्रयोग ज्ञ याज्ञादिक, देव प्रतिष्ठा, मांगलिक पूजा महोत्सव, अनुष्ठान इत्यादि देव कार्यों में पूजन के लिए किया जाता है। इससे साधक के अभीष्ट की सिद्धि होती है।
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